महाशिवरात्रि पर्व था कल, काशी विश्वनाथ महादेव, मंदिर में लगी भक्तों की कतार - इंडियन पब्लिक न्यूज़


 भदोही, (सौरभ कुमार श्रीवास्तव) -  शिव की नगरी काशी महाशिवरात्रि पर रात जागेगी। काशी पुराधिपति भी 44 घंटे तक अनवरत भक्तों को दर्शन देंगे। शुक्रवार की मंगला आरती के बाद से शनिवार की मध्यरात्रि तक का समय भक्तों के लिए ही होगा।
शुक्रवार को महानिशा में चार प्रहर की आरती होगी। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बाबा के झांकी दर्शन की व्यवस्था की है। लिहाजा, बाबा का दर्शन बाहर से होगा। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर लगे पात्र में किया जाएगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत गर्भगृह के चारों प्रवेश द्वारों पर पात्र लगाए गए हैं। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालु प्रवेश द्वार पर स्थित पात्र में जल और दूध चढ़ाकर दर्शन करेंगे। उधर, बृहस्पतिवार दोपहर बाद से ही भक्त पूरी तरह से भोले के रंग में रंग गए। हर-हर महादेव के जयघोष करते हुए वह मंदिर की ओर चल पड़े थे। पूर्वांचल भर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंदिर परिक्षेत्र से घाट तक गलियां श्रद्धालुओं से पटी गईं। मंदिर परिक्षेत्र में लगाई गई बैरिकेडिंग में श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी जगह घेर ली।
सुगम दर्शन की टिकट बिक्री रहेगी बंद
महाशिवरात्रि के दिन हेल्प डेस्क से सुगम दर्शन के टिकट की बिक्री नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने पहले से ही ऑनलाइन टिकट बुक कर लिए हैं, सिर्फ वही सुगम दर्शन कर पाएंगे। मंगला आरती का टिकट पहले की तरह 1800 रुपये का ही होगा। दिव्यांग और बुजुर्गों को ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

Comments

Popular posts from this blog

एक ज़रूरी सूचना अनुसूचित जाति(SC) एवं अनुसूचित जनजाति(ST) के छात्र निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था दिल्ली में - Indian Public News

जदिया में हुआ शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन

कोरोना वायरस उज्जैन और अन्य जगहों पर दस्तक दे चुका हैं। - Indian Public News