जर जर होता शिक्षा के मंदिर,कक्षाएं स्कूल परिसर मे खुले आसमान के निचे चलने को मजबूर
बारां, राजस्थान - बारां जिले के सीसवाली क्षैत्र के मूॅण्ड़ली गांव मे माध्यमिक विद्यालय हे , विद्यालय में दस कक्षाएं संचालित है गांव के स्कूल में अभी बच्चो के बैठने के लिए मात्र तीन ही कक्षा कक्ष है बाकी कक्षाएं बाहर पेड़ के निचे बैठती हैं और वहीं बैठकर पढना पढ रहा है अध्यापको को मजबूरी है कि पास पास कक्षाएं बैठने के कारण बच्चों व अध्यापकों को भी पढ़ाने में कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है , विशेषकर बरसात के मौसम मे ज्यादा परेशानी आती है।दो तीन कमरे पहले के बने हुऐ हैं जो काफी पुराने है ओर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं छत की पट्टियां टुटी हुई है जगह जगह के पत्थर निकले हुऐ हैं ,यानि वह पुराने कमरे कुछ काम के नहीं है अब स्कूल में दो नये कमरों का निर्माण चालू हुआ है जो सांसद कोटे से काफी समय पहले से स्वीकृत थे इसके बाद भी तीन चार कमरों की ओर जरुरत है ताकि सभी कक्षाएं अपनी जगह बेठ सके ,
बरसात के समय बड़ी समस्या आती है बच्चों पढ़ने व अध्यापकों को पढ़ाने में कभी अन्दर तो कभी बाहर ऐसे ही चलता रहता है बारिश के समय,कभी कभार तो मजबूरन छुट्टी करनी पड़ती है समाज सेवक राकेश शर्मा, जगन्नाथ गोचर, मुकेश शर्मा ,रामकरण मीणा, रामहेत ,देवकीनंदन ,बाबूलाल, सोहनलाल, रामदयाल, आदि ने कहा कि विद्यालय में कक्षा कक्षो की समस्या जरूर है। अतिरिक्त कक्षाओ के कक्ष निर्माण कार्य के बाद ही समस्या का समाधान हो पाएगा।
रिपोर्टर
रविन्द्र कहार
(बारां/राजस्थान)
बरसात के समय बड़ी समस्या आती है बच्चों पढ़ने व अध्यापकों को पढ़ाने में कभी अन्दर तो कभी बाहर ऐसे ही चलता रहता है बारिश के समय,कभी कभार तो मजबूरन छुट्टी करनी पड़ती है समाज सेवक राकेश शर्मा, जगन्नाथ गोचर, मुकेश शर्मा ,रामकरण मीणा, रामहेत ,देवकीनंदन ,बाबूलाल, सोहनलाल, रामदयाल, आदि ने कहा कि विद्यालय में कक्षा कक्षो की समस्या जरूर है। अतिरिक्त कक्षाओ के कक्ष निर्माण कार्य के बाद ही समस्या का समाधान हो पाएगा।
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रविन्द्र कहार
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